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Tuesday, January 24, 2017

मैं सिवान का हूँ इसका मतलब गुंडा नहीं हूँ।

तारेक फतह के बारे में Twitter पर एक सच्चाई लिखने पर उसके द्वारा पाले गए ट्रोल जो कि मुझे दो दिन से गालिया दिए जा रहे हैं, 
लेकिन मुझे पता है कि ये सब भाड़े के टट्टु हैं जिसके बदौलत ही ऐसे लोगो कि रोज़ी रोटी चलती है..
 

आज एक उसी घटिया लोगो में से एक ने अपने twitter पर तारिक फतह के पक्ष में ये लिखा

"तारिक फतह ये #सिवान के सब #गुंडे होते हैं ये भी उसी में से एक है, आप इनका जवाब मत दो"

गालिया दी कोई बात नहीं, क्योंकि ऐसे डरपोकों से जो सामने कुछ नहीं बोल सकते उनका क्या जवाब देना है....
लेकिन जब बात मेरे देश या शहर की आएगी तो जवाब देना ही पड़ेगा....

सिवान कैसी जगह है ये पढ़ लो :
देश के महान आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले डॉ #राजेन्द्र प्रसाद का जन्मस्थल है.. जो देश के पहले #राष्ट्रपति बने
#सत्येन्द्र_दुबे एक ईमानदार IES अफसर जिसके ईमानदारी के बारे में पूरा देश जनता है
मौलाना #मज़हरुल हक़ साहब एक महान आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले पढ़े लिखे वकील भी
आमिर सुब्हानी- आईएएस  टॉपर जो आज के तारीख में Principal Secretary to Home Department of Govt.  बिहार हैं 
 नटवर लाल के हुनर को कौन नहीं जानता है
इसके अलावा और भी ऐसे कई हस्तिया जिनसे देश का नाम रौशन हुआ है, अगर किसी एक दबंग नेता जिसका नाम शहाबुद्दीन है, की बात कर रहे हो तो उसे एक नेता ही मान कर चलो जो दबंग है न क़ि अभी के जैसे पार्लियामेंट में बैठे कुछ नेता जो #बलात्कारी है|
 बहुत सारे देश में ऐसे दबंग नेता मिल जाएंगे जो दबंगई के साथ साथ बलात्कारी भी है, #औरत के #इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ करने वाला भी है, शराबी है जुआड़ी है  
औरतो की  जासूसी कराने वाला भी है, और जो हज़ारो क़ि हत्या का आरोपी है वो आज के तारीख का बड़ा #नेता भी है...
ये मैं किसी की तारीफ या तरफदारी क़ि बात नहीं कर रहा बस बता रहा क़ि एक #दबंग और एक #गुंडा होने का फर्क 
नोट ;- एक सभ्य समाज के लिए वैसे ये दोनों ज़रूरी नहीं है 

खैर, तो ये है मेरा #सिवान और हाँ सिवान के लोग दिल के साफ और ईमानदार होते हैं जो हर तरह से अपने देश अपने राज्य और अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार हैं, लेकिन छेड़ने पर कभी कभी गुस्सा भी आजाता है तो फिर नोकझोक हो जाता है, समझ रहे हैं न नोकझोक?
Rafique Ahmad